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Saturday, 30 May 2020

पाॅलीथीन व खाद्य तेल को लेकर दुकानों पर की छापेमारी भारी मात्रा में पाॅलीथीन बरामद, तेल के नमूने भरे


  • 18नवंबर 215 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे राज्य में प्लास्टिक बैन का आदेश दिया था ।
  • सरकार ने प्लास्टिक बनाने, प्रयोग करने, बेचने और ट्रांसपोर्ट, वितरण, थोक और खुदरा बिक्री तथा स्टोर करने पर रोक लगाई हुई है।
  • 2015 से लेकर अब तक यूपी में तीन बार पाॅलीथीन बंद करने की घोषणा की जा चुकी है। 
  • निर्माण बंद होने पर भी कहा से आती है बार - बार पाॅलीथीन ।

 शामली। प्रतिबंध के बावजूद भी पाॅलीथीन का प्रयोग धडल्ले से किया जा रहा है, वहीं खाद्य तेलों में मिलावट का दौर भी जारी है। शनिवार को खाद्य विभाग व नगर पालिका की टीम ने शहर में विभिन्न स्थानों पर किराना व सब्जियों की दुकानों पर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से रखी गई पाॅलीथीन बरामद कर 6 दुकानदारों पर करीब 13 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। वहीं सरसों के तेल के भी सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेज दिए है। छापेमारी की सूचना के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों में रखी पाॅलीथीन को मौके से हटा दिया। टीम की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हडकंप मचा रहा। 
    जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस को लेकर शहर में लागू लाॅकडाउन में रोस्टर के अनुसार दुकान खोलने की अनुमति दी गयी, इसमें किराना की दुकानों को प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति है। 
गौरतलब है कि 18 नवंबर 2015 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे राज्य में प्लास्टिक बैन का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश यादव सरकार ने प्लास्टिक पर बैन लगाने का फैसला किया था। जनवरी 2016 में यूपी सरकार ने राज्य में प्लास्टिक बैन कर दिया था। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी के मुताबिक 50 माइक्रॉन से पतली पॉलिथिन का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया। वहीं पुनः यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा 15 जुलाई 2018 से पूरे राज्य में प्लास्टिक पर बैन लागू किए जाने की घोषणा की गई। खास बात यह है कि 2015 से लेकर यह तीसरा मौका था जब यूपी में प्लास्टिक बैन की घोषणा की गई है। 
इसी के चलते शासनन के निर्देश पर पिछले दिनों भी जिले में पाॅलीथीन के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन कुछ दुकानदार अभी भी धडल्ले से ग्राहकों को पाॅलीथीन में सामान उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ दुकानदारों द्वारा खाद्य तेलों में मिलावट भी हो रही है जिसकी शिकायत काफी समय से खाद्य विभाग अधिकारियों को मिल रही थी। शनिवार को खाद्य विभाग के सप्लाई इंसपेक्टर संजय सक्सेना, फूड इंसपेक्टर सुनील कुमार, आनंद प्रकाश  आदि ने नगर पालिका अधिकारियों के साथ शहर में विभिन्न स्थानों पर किराना व सब्जियों की दुकानों पर छापेमारी की। टीम ने 6 दुकानों पर छापेमारी करते हुए वहां से भारी मात्रा में पाॅलीथीन बरामद करते हुए दुकानदारों से 13 हजार रुपये का जुर्माना वसूला, वहीं नाला पटरी स्थित सब्जी मंडी में भी किराना व सब्जी की दुकानों पर छापेमारी करते हुए वहां से भी पाॅलीथीन बरामद की। इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने किराना की दुकानों में रखे खाद्य तेलों के सैंपल भरकर उन्हें जांच के लिए भेज दिए। इसके अलावा अन्य खाद्य तेलों व सामग्रियों की भी जांच की। टीम की छापेमारी से दुकानदारों में हडकंप मच गया और उन्होंने अपनी-अपनी दुकानों में रखी पाॅलीथीन को मौके से हटा दिया। खाद्य विभाग व नगर पालिका के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें काफी समय से दुकानों पर पाॅलीथीन व खाद्य तेलों में मिलावट की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद शनिवार को अभियान चलाया गया। पाॅलीथीन का प्रयोग करने व मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। 

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