Breaking

Monday, 15 June 2020

लॉकडाउन लगा तब खजुराहो में 17 विदेशी पर्यटक थे, पांच अभी भी यहीं हैं; फ्रांस के ईवन बुंदेलखंडी भाषा सीख रहे

24 मार्च को जब देश में लॉकडाउन लगाया गया तबखजुराहो में 17 विदेशी पर्यटक थे। जिसमें से पांच अभी भी यहीं है। इन्हीं में से एक हैं छह फुट लंबे 47 साल के ईवन जोल्बा। ईवन नीदरलैंड के रोत्रदम से भारत घूमने आए थे और 17 मार्च को खजुराहो पहुंचे थे। उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड इरेने भी आईं थी लेकिन वोखजुराहो से पहले ही अपने देश लौट गईं।

कार बॉडी रिपेयरिंग का बिजनेस करने वाले ईवन पहले होटल रमाडा में रुके थे लेकिन अब वेयोगी आश्रम में ठहरेहैं। रमाडा में हर दिन का 3500 रुपए किराया था जबकि योगी आश्रम में यह 700 रुपए ही है। एक्टिवा पर खजुराहों की गली-गली सैर करनेवाले ईवन एक पहाड़ी पर घूमने गए थे, हमने फोन किया तोवे एक्टिवा से ही मिलने आ गए।

ईवन कहते हैं किउन्हें इस जगह से प्यार हो गया है और अब वे बुंदेलखंडी भाषा सीख रहे हैं। वेसाढ़े चार बजे सुबह उठ जाते हैं, दो घंटे योग करते हैं। उसके बाद गायंत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप दो घंटे करते हैं। इसके बाद गाय को चारा डालते हैं और कुत्तों को खाना खिलाते हैं। यहां से जाने के सवाल पर कहते हैं कि मैं अब यहां से जाने की नहीं सोचता, फिर थोड़ा रुक कर कहते हैं कि जब खजुराहो-दिल्ली और इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होगी तब जाने के बारे में सोचेंगे।

ईवन कहते हैं कि उन्हें इस जगह से प्यार हो गया है और अब वे बुंदेलखंडी भाषा सीख रहे हैं। वे साढ़े चार बजे सुबह उठ जाते हैं, दो घंटे योग करते हैं।

खजुराहो मंदिरों पर बीते 77 दिनों से ताला पड़ा हुआ है

प्रसिद्ध खजुराहो मंदिरों पर बीते 77 दिनों से ताला लगा हुआ है। ताला मंदिरों पर ही नहीं यहां के स्थानीय कारोबार और पर्यटन से जुड़े आमलोगों की आमदनी पर भी लग गयाहै। करीब 17 हजार आबादी वाले पर्यटन केंद्र की गलियां, बाजार, चौराहे, होटल, हैंडीक्राफ्ट की दुकानें और मंदिर सूने पड़े हैं। छतरपुर से 45 किलो मीटर दूर ऊबड़-खाबड़ फोरलेन के सूने रास्ते पर दो-चार गाड़ियां ही खजुराहो जाते हुए मिलीं।

एएसआई के मुताबिक, फरवरी मेंयहां 25,290 भारतीय और 5,745 विदेशी पर्यटक आए थे। जबकि यहां आने का पीक सीजन अगस्त से जनवरी तक का होता है। भगवान शिव और विष्णु के मंदिर को देखने के लिए आने वालों से गुलजार रहने वाले खजुराहो की गलियाें में सन्नाटा पसरा है।

लॉकडाउन के कारण खजुराहो और आसपास का पर्यटन ठप हो गया है। इससे जुड़े 17-18 हजार रोजगार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म सलाहकार और होटल व्यवसायी सुधीर शर्मा कहते हैं कि जो भी पर्यटक पहले खजुराहो आते थेवेसिर्फ खजुराहो ही नहीं आते थे बल्कि पन्ना नेशनल पार्क, महोबा, मैहर, चित्रकूट, छतरपुरभी जाते थे। अबसब बंद हो गया है।खजुराहो और आसपास कापर्यटन ठप हो गया है। इससे जुड़े 17 से18 हजार रोजगार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

वे कहते हैं कि अकेले खजुराहो में ही 120 गाइड, 36 टैक्सी ऑपरेटर, 150 टैक्सी, छह फाइव स्टार होटल, 20 अन्य होटल, 60-65 गेस्ट हाउस और 32 होम स्टे हैं। 10-12 हैंडीक्राफ्ट की दुकानें और स्थानीय बाजार हैं, जो एकदम सूने हैं।

उन्होंने बताया कि एक गाइड को चार घंटे के800 रुपए मिलते थे और वह दिन में दो पार्टियों को घुमा लेता था। साथ ही टिप और स्थानीय दुकानदारों से साझेदारी से पर्यटकों के द्वारा खरीदे जाने वाले सामान में कमीशन आदि से गाइड को अच्छी कमाई हो जाती थी। लेकिन अभी आमदनी शून्य है।

लॉकडाउन के कारण मूर्तियों की बिक्री भी बंद है।गणपति पैलेस के योगेश जैन बताते हैं कि पिछले साल हर महीने 50 हजार रुपए की बिक्री हो जाती थी।

सुधीर बताते हैं, खजुराहो में कुल 84 मंदिर थे, इनमें से 22 अभी सही स्थिति में हैं। कम से कम दो महीने पहले की बुकिंग हमारे यहां हो जाती थी। जून में तो दिसंबर और न्यू ईयर के लिए भी बुकिंग आनीशुरू हो जाती थी लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद भी अभी तक एक भी रूम की बुकिंग नहीं हुईहै।

टूर ऑपरेटर विजय कुमार रजक कहते हैं कि एक टैक्सी मालिक आराम से 25 से 30 हजार रुपए महीना कमाता था लेकिन अभी लॉकडाउन खुलने केइंतजार के सिवाय कुछ नहीं है। लॉकडाउन खुल भी जाएगा तो विदेशी पर्यटक जल्द नहीं आएंगे।

60 से अधिक देशों में लकड़ी, पत्थर और धातुओं की 50 रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक की मूर्तियां बेचने वाले गणपति पैलेस के योगेश जैन कहते हैं कि लॉकडाउन के कारण बीते 80 दिनों से एक मूर्ति की भी बिक्री नहीं हो पाई है। मार्च से अभी तक बिक्री बंद है जबकि पिछले साल हर माह करीब 50 हजार रुपए की मूर्ति बेच देते थे।

खजुराहो डेस्टिनेशन वेडिंग का भी एक बड़ा केंद्र बन गया था, लॉकडाउन के दौरान वह भी ठप है। फाइव स्टार होटल चैन के जनरल मैनेजर कहते हैं कि लॉकडाउन नहीं होतातो इस समय हमारे होटल में आधे रूम इंटरनेशनल गेस्ट से भरे होते। हमारे यहांडोमेस्टिक गेस्ट भी आते थे। जब से लॉकडाउन हुआ है चार डेस्टिनेशन वेडिंग की बुकिंग कैसिल हो चुकी हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोरोनावायरस के कारण प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिरों में बीते 77 दिनों से ताला लगा हुआ है। यहां के स्थानीय कारोबार और पर्यटन से जुड़े लोगों की आमदनी तीन महीने से ठप पड़ी है।


from Dainik Bhaskar
June 15, 2020 at 05:54AM via
India Today Live

No comments:

Post a comment