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Thursday, 18 June 2020

सरकार देगी 7 प्रतिशत सब्सिडी के तहत लोन,जानिए क्या है योजना।

  • 7 प्रतिशत सब्सिडी के तहत मिले लोन की किश्त होगी 946 रुपये प्रतिमाह।
  • दोबारा रोजगार शुरू करने के लिए मिलेगा 10 हजार का ऋण।
  • आर्थिक तंगी से जूझ रहे ठेली व खोमचे वालों को बडी राहत।
  • योजना 31 मार्च 2022 तक के लिए शुरू की गयी।

योजना की जानकारी देते अधिकारी।

लाॅक डाउन में आर्थिक तंगी से जूझ रहे ठेली वालों व खोमचे लगाने वालों को प्रदेश सरकार की ओर से राहत प्रदान की गयी है। अब ऐसे ठेली व खोमचे वालों की को सरकार दस हजार रुपये का ऋण प्रदान करेगी। उक्त ऋण 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के तहत प्रदान किया जाएगा जिसकी प्रतिमाह की किश्त 946 रुपये देनी होगी। 


गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि लाॅक डाउन के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे ठेली वालों व खोमचे वालों को सरकार ने राहत दी है। अब ऐसे लोगों को प्रदेश सरकार दोबारा रोजगार शुरू करने के लिए दस हजार रुपये का ऋण प्रदान करेगी। यह ऋण प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत प्रदान किया जाएगा। लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज सबिसडी मिलेगी। जल्द ही यह योजना धरातल पर लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थी वेंडर 946 रुपये प्रतिमाह की दर से ऋण की अदायगी कर सकेंगे ताकि वेंडरों पर ज्यादा बोझ न पड सके। शहरी विकास अभिकरण डूडा के पीओ प्रदीपकांत ने बताया कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी डिजिटल कैशलेस योजना का लाभ भी वेंडरों को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ऐसे में अगर किश्त जमा करने के दौरान वेंडर 946 रुपये का भुगतान बैंक को डिजिटल ट्रांजेक्शन के तहत करते हैं तो अदायगी की यह किश्त 846 रुपये पडेगी। 100 रुपये की अतिरिक्त छूट ओर दिए जाने का भी प्रावधान योजना में है। इसके लिए चयनित लाभार्थियों को जागरूक किया जाएगा। परियोजना अधिकारी ने बताया कि जिले की नगर पालिका एवं नगर निकायों से 770 पंजीकृत वेंडरों की सूची मिली है, इसके अलावा शहर में एकमुश्त स्थानों पर ठेला खोमचे लगाने वाले या फिर गली मौहल्लों में घूम घूमकर कर बिक्री करने वाले वेंडरों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। जिनका पंजीकरण नगर पालिका या नगर निकायों में है तो उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। आवेदन फार्म में वेंडर का नाम पता, बिक्री करने वाले उत्पाद का नाम और आधार कार्ड का विवरण मांगा जाएगा। आवेदनों का सत्यापन कराने के बाद पात्र पाए जाने वाले वेंडरों को लोन दिलाने के संबंध में बैंकों को पत्र भेजा जाएगा। वेडरों को ऋण देने में किसी प्रकार की शर्त भी नहीं रखी गयी है, इसका भी एक पत्र एलडीएम के माध्यम से सभी बैंक अधिकारियों को जारी होगा, इससे बैंक लोन देने में आनाकानी नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह योजना 31 मार्च 2022 तक के लिए शुरू की गयी है। सरकार की इस योजना से ठेली व खोमचे वालों को बडी राहत मिल सकेगी और वे लाॅक डाउन के दौरान प्रभावित हो चुके अपने व्यापार को दोबारा शुरू कर सकेंगे। 

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