यूपी- हरियाण भूमी सीमा विवाद


  • हरियाण हाई कोर्ट के आदेश लेकर पहुची थी राजस्व की टीम।
  • हरियाणा राजस्व की टीम नहीं दिखा सकी भू अभिलेख ।



कैराना,शामली(विशाल भटनागर)। वर्षो से चले आ रहे यूपी- हरियाण भूमी सीमा  विवाद का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है,जिसको लेकर दोनों प्रदेशो के अधिकारियो की कई बार बैठक भी हो चुकी है,भूमि विवाद को लेकर दोनों प्रदेशो के किसानों में भी खुनी संघर्ष हो चूका है। लेकिन फिर भी आज तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। हलाकि पीछे दिनों अधिकारियो द्वारा कही बार इसके समाधान को प्रयास भी किया गया था। मंगलवार को कैराना के गांव नागलाराई में  हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर बापौली तहसील से एक बार फिर राजस्व टीम पहुंची। यहां आवंटित खनन प्वाइंट को भी टीम ने हरियाणा सीमा में बताया लेकिन उत्तर प्रदेश के कैराना की राजस्व टीम ने हरियाणा राजस्व टीम को तीन प्वाइंटों से पैमाइश करने को कहा,लेकिन हरियाणा की पैमाइश नहीं कर सकी। इसके अलावा टीम मौके पर पूर्ण रूप से भू-​अभिलेख भी नहीं दिखा पाई। इसके बाद टीम लौट गई बताते चले की हरियाणा की बापौली तहसील से राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार, लेखपाल सुरेंद्र कुमार, दीपक कुमार, पानीपत से खनन इंस्पेक्टर विकास कुमार की टीम कैराना क्षेत्र के गांव नंगलाराई में पहुंची। टीम ने प्रशासन को हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दिया। इस पर एसडीएम देवेंद्र सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार सचिन कुमार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक नवाब सिंह, हरबीर सिंह, सर्वे लेखपाल यमुना प्रसाद, दिनेश कुमार, लेखपाल विजय राठी, रविंद्र कुमार व बालेश्वर की टीम मौके पर पहुंच गई। जहां दोनों प्रदेशों की राजस्व टीमों के बीच वार्ता हुई। हरियाणा की राजस्व टीम ने बताया कि उनके प्रदेश के नवादा गांव निवासी किसान कर्मवीर ने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वाद दायर कर रखा है, जिसमें हरियाणा की सीमा पर अवैध कब्जा करने की बात कही गई है। इतना ही नहीं, नंगलाराई में आवंटित वैध बालू खनन पट्टे को भी हरियाणा की सीमा में बताया गया है, जिस पर स्थानीय टीम ने अपने भू-अभिलेख दिखाए और हरियाणा की टीम को भी भू-अभिलेख दिखाने के बारे में कहा गया, लेकिन टीम भू-अभिलेख नहीं दिखा सकी। इसके बाद टीम को मौके पर तीन प्वाइंट पर पैमाइश के लिए दिखाए गए। यमुना तटबंध भी टीम को दिखाया गया लेकिन, टीम ने पैमाइश से इंकार कर दिया। इसके बाद हरियाणा की राजस्व टीम लौट गई। सर्वे लेखपाल यमुना प्रसाद ने बताया कि हरियाणा राजस्व टीम भू-​अभिलेख भी नहीं दिखा पाई। तीन ​प्वाइंट दिखाए, लेकिन पैमाइश नहीं की गई। यमुना तटबंध को भी मानने से इंकार कर दिया। हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर टीम यहां पहुंची थी।

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