Breaking

Tuesday, 30 June 2020

विभिन्न मांगो को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन

  • पेट्रोल डीजल पर बढ़ाएं गए दामों को वापस ले सरकार।
  • बिजली की दरों को कम किया जाए।
  • जल्द हो किसानों के बकाया गन्ना भुगतान।
  • किसानों के उत्पीड़न पर रोक लगाए सरकार।

 
  धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता।

शामली। भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों पदाधिकारियों ने शामली कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते हुए देश में बढ़ाएं के पेट्रोल डीजल के दामों को वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने बिजली की दरों में कमी करने,किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को देने, किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को देने और किसानों के उत्पीड़न पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों पदाधिकारियों ने प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के नेतृत्व में शामली कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इस उन्होंने एडीएम कार्यालय के बाहर तब धरना देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान नकदी के भारी संकट से जूझ रहा है। जिसका प्रभाव खरीफ की बुवाई पर पड़ रहा है। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई के लिए सरकार द्वारा कोई भी सीधी सहायता किसान को नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि देश में डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। सीधा असर सार्वजनिक परिवहन माल भाड़े भी किसानों पर पड़ रहा है। जिससे देश के किसान मजदूर प्रभावित हो रहे हैं। डीजल पेट्रोल पर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स में कमी की जाए। बिजली की दरों में भी कमी की जाए वर्तमान में खेती के लिए नलकूप पर कम से कम 16 घंटे बिजली दिया जाना जरूरी है। किसानों के नलकूप की बिजली बढ़ाई जाए। किसानों के सामान्य योजना की स्वीकृति नलकूप कनेक्शन का सामान दिए जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू व निजी नलकूप के संयोजन कर ब्याज व पेनल्टी की छूट 2 माह के लिए बढ़ाई जाए डार्क जोन में अधिनियम रूप से चलाए जा रहे निजी नलकूप के संयोजन नियमितीकरण के लिए 3 माह का समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि का लाभ प्रदेश के 50ः किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद भी किसानों को किस्त जारी नहीं की गई। संशोधन के लिए समय सीमा तय करते हुए पात्र किसानों को लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लाकर समर्थन मूल्य के नीचे खरीद करने वालों पर कार्रवाई करते हुए किसानों को प्रत्येक दिन मंडियों में हो रही लूट पर रोक लगाई जाए। किसान ऋण मोचन योजना के अंतर्गत पात्र लंबित प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर किसानों की राशि जारी की जाए। प्रदेश में कृषि रक्षा केंद्रों पर कृषि रसायन उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश के चालान के नाम पर पुलिस द्वारा कोरोना महामारी से लेकर आज तक उत्पीड़न जारी है। पुलिस द्वारा अभद्रता व मारपीट आम हो चुकी है। इस उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, योगेंद्र पवार, दीपक शर्मा, प्रदीप त्यागी, अजय तोमर, सुरेश चंद, आमिर अली, पप्पू प्रधान, अजय पिंडोरा, फरहान चौधरी, शहजाद राव, देवराज पहलवान, जावेद जंग, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे हैं।

No comments:

Post a comment