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Wednesday, 29 July 2020

सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन,मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग

शामली कलक्ट्रेट प्रदर्शन करते भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारि

सरकार श्रम संघो,औद्योगिक संघों,राजनीति एवं सामाजिक संगठनों को विश्वास में लेकर कार्य करे।

  • प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का समाधान किया जाये
  • बेरोजगारों को रोजगार दे बढती बेरोजगारी पर रोक लगाई जाये।
  • लाॅक डाउन की अवधि में मजदूरों का वेतन तथा भत्ते का भुगतान कराया जाये।
  • कर्मचारी पेंशन योजना 1995 में न्यूनतम 7500 रूपये किया जाये।

शामली। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई जा रही श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। जिसमें उन्होने मजदूरों की समस्याओं को समाधान कराये जाने की मांग की है।
बुधवार को भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होने देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी जसजीत कौर को सौंपा। जिसमें उन्होने कहा कि कोविड-19 में भारत बडे संकट से गुजर रहा है। इस परिस्थिति से उबारने के लिए सरकार द्वारा श्रम संघो, औद्योगिक संघों, राजनीति एवं सामाजिक संगठनों को विश्वास में लेकर कार्य किया जाना आवश्यक है। लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा एक पक्षीय सोच से कुछ ऐसी नीतियों पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे देश के श्रमिक वर्ग का हित बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूर विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का समाधान किया जाये। लाॅक डाउन की अवधि में मजदूरों का वेतन तथा भत्ते का भुगतान कराया जाये। जिन श्रमिकों का रोजगार छिन गया है उनको रोजगार दिलाया जाये। बढती बेरोजगारी पर रोक लगाई जाये। जिन राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों का निलंबन करने और कार्य के घंटे बढाये जाने का अनुचित निर्णय लिया है। ऐसे आदेशों पर रोक लगाई जाये। आक्रामक निजीकरण के लिए लगातार सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री के साथ रक्षा व रेलवे का जो निजीकरण किया जा रहा है उस पर रोक लगाई जाये। उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में कार्यरत मजदूरों के वेतन का पुनरीक्षण किया जाये। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 में न्यूनतम 7500 रूपये किया जाये और इसे डीए से लिंक किया जाये। उन्होने बताया कि केन्द्र व प्रदेश सरकार को जगाने के लिए गत 24 जुलाई से 30 जुलाई तक उनका राष्ट्रव्यापी सरकार जगाओ सप्ताह भी मनाया गया।

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