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Thursday, 30 July 2020

गर्भवती महिला ने सिपाही पर लगाया मर पीट का आरोप,एसएसआई ने पांच सौ रुपए देकर महिला को थाने से टरकाया


  • महिला ने सिपाही पर लगाया मर पीट का आरोप।
  • सिपाही महिला के यहां किराय पर रहता है।
  • सिपाही पर छ माह का किराया न देने का आरोप।
  • शिकायत लेकर थाने पहुंची घायल महिला।
  • एसएसआई ने पांच सौ रुपए देकर महिला को  थाने से टरकाया।
  • सरकारी अस्पताल में भी नहीं किया घायल महिला का ईलाज।

सरकारी अस्पताल के बाहर पति के साथ पीड़ित महिला।

उत्तर प्रदेश के शामली में यूपी पुलिस का एक और कारनामा देखने को मिला है जहां पर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराने आई पीड़ित गर्भवती महिला को थाने पर मौजूद एसएसआई ने पांच सौ रुपए देकर थाने से टरका दिया और महिला की शिकायत दर्ज नहीं की जिसके बाद पीड़ित महिला और उसका पति इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो वहां पर भी किसी ने उनका इलाज नहीं किया। अब महिला और उसका पति शिकायती पत्र और एसएसआई द्वारा दिये गए पांच सौ रुपए लेकर थाने के बाहर बैठे इलाज की बाट झो रहे हैं। 

      शामली की सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाला पटरी पर स्थित फूल मार्केट की रहने वाली एक महिला का आरोप है कि उनके मकान में किराए पर रहने वाले यूपी पुलिस के सिपाही दीपक और उसकी पत्नी ने उनके साथ किराया मांगने को लेकर मारपीट की इतना ही नहीं सिपाही की पत्नी ने पीड़ित महिला के हाथ पर वाइपर और गमले से वार किया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़ित महिला की सूचना पर घर पहुंचे महिला के पति के साथ भी सिपाही ने हाथापाई की जिसके बाद पीड़ित महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची और आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्यवाही की मांग की लेकिन पीड़िता का कहना है कि थाने पर मौजूद एसएसआई सत्यनारायण दया ने महिला को पांच सौ रुपए देकर थाने से भगा दिया और कहा कि जाओ अपना इलाज करा लो पीड़ित महिला और उसका पति निराश होकर थाने से निकल गए और अस्पताल पहुंचे जहां पर उन्होंने डॉक्टर को सारी बात बताई तो डॉक्टरों ने भी महिला का इलाज करने से मना कर दिया और कहा कि पहले थाने से लिखवा कर लेकर आओ तब जाकर तुम्हारा इलाज किया जाएगा अब पीड़ित महिला और उसका पति इलाज के लिए जिला चिकित्सालय के बाहर शिकायती पत्र और एसएसआई द्वारा दिए गए पांच सौ रुपए के नोट को लेकर इलाज की बाट झो रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले पर आरोपी सिपाही दीपक का कहना है कि कहना है कि वह दूध लेने के लिए बाहर गया हुआ था और जब वह वापस लौटा तो पीड़ित महिला और उसके घर वाले उसकी पत्नी और बच्चे के साथ मारपीट कर रहे थे कौन किसके साथ मारपीट कर रहा था यह तो जांच का विषय है और जांच के बाद ही पता चल पाएगा। 

       वहीं उत्तर प्रदेश के योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है कि अगर कोई भी पीड़िता ने अपनी शिकायत लेकर पहुंचता है तो उसकी शिकायत दर्ज कर तुरंत कार्यवाही की जाए लेकिन आज सदर कोतवाली में पहुंची महिला के शिकायती पत्र पर कार्यवाही न करने की वजह उसके हाथ में पांच सौ रुपए जमा कर इलाज कराने की बात कहना कहीं ना कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है क्या महज इसलिए महिला के शिकायती पत्र पर कार्यवाही नहीं की गई कि आरोपी यूपी पुलिस का सिपाही है

         वही पूरे मामले पर सीओ शामली जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह जो पत्नी अनुज फुल मार्केट थाना कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली है इसके द्वारा आज एक तहरीर दी गई है जिसमें उसके द्वारा बताया गया कि उसके आवास पर जो दीपक कॉन्स्टेबल है वह अपनी पत्नी के साथ किराए पर रहता है और उसके द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि लगभग 6 महीने से दीपक हॉस्टल के द्वारा उसका ढाई हजार रुपए महीना का किराया नहीं दिया गया और जब भी वह किराया मांगते हैं तो उनके साथ गाली गलौज करता है दीपक जल है उसकी पत्नी और अंजू में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और जिसके द्वारा बताया गया कि जो कौशल है उसकी पत्नी के साथ मारपीट की है और उसकी जांच की जा रही है थाने के द्वारा और जांच के आधार पर इसमें सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी क्योंकि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है किराए से जुड़ा मामला है उनके द्वारा किया गया और उसको लेकर गाली गलौज होती है जांच के आधार पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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