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Sunday, 9 August 2020

भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव को भारी पड़ा फेसबुक पर टिप्पणी करना,जानिए फिर क्या हुआ।


  • वैश्य समाज पर की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर   दर्ज हुआ था मुकदमा।
  • वैश्य समाज के भारी दबाव के चलते किया गिरफ्तार।
  • जाट समाज पर भी की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर जाटों ने भी जताई नाराजगी।
  • जाट समाज की ओर से भी की गई मुकदमा दर्ज कराने की मांग।

शामली। फेसबुक पर की गई अशोभनीय टिप्पणी किए जाने के मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव को गिरफ्तार कर लिया गया है। वही खाप चैधरियों के साथ जाट संघर्ष जिला समिति के पदाधिकारियों ने कोतवाली पुलिस से मिलकर वैश्य समाज के एक नेता द्वारा जाट समाज के खिलाफ की गई अशोभनीय टिप्पणी का भी संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फूंक फूककर कदम रख रही है।
पिछले चार दिनों से शामली में फेसबुक पर की गई अशोभनीय टिप्पणी का मामला पुरजोर तरीके से चर्चाओं में बना हुआ है। जिसमें भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव अनिल मलिक पर वैश्य समाज के नेता व सभासद पति पंकज गुप्ता ने आरोप लगाया था कि वैश्य समाज को अंकित करते हुए अशोभनीय टिप्पणी की गई है। जिससे समाज की छवि धुमिल हुई है। पंकज की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव अनिल मलिक के खिलाफ धारा संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिसके उपरांत खाप चैधरियों का एक प्रतिनिधि मंडल सीओ सिटी जितेन्द्र कुमार से मिला और मामले में सकारात्मक कदम उठाये जाने की मांग की। जिस पर सीओ सिटी की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था। दो दिन से चल रहे नाटकीय घटना क्रम के बाद देर शाम पुलिस ने अनिल मलिक को उसके पैतृक गांव काबडौत से हिरासत में ले लिया। जिसके बाद रविवार को पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में चलान कर दिया गया। वही रविवार को भी बत्तीसा खाप के चैधरी बाबा सूरजमल, कालखांडे खाप के बाबा संजय कालखांडे, जाट जिला संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष देवराज पहलवान, जसबीर सिंह भैसवाल, धीर सिंह मलिक, सुधीर मलिक, देवेन्द्र आदि दर्जनों लोग कोतवाली पुलिस से मिले और पंकज गुप्ता पर जाट बिरादरी को केन्द्रित करते हुए की गई अशोभनीय टिप्पणी पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की। देवराज पहलवान का कहना है कि अनिल मलिक ने जो टिप्पणी की है उसके लिए सजा भुगतने को तैयार है, लेकिन सभासद पति द्वारा भी जाट समाज पर की गई अशोभनीय टिप्पणी पर कार्यवाही न किए जाना सरकार की मंशा को जाहिर करता है और कहा कि वे इस मुद्दे पर आवाज को उठाकर रहेगे। अब देखना होगा कि पुलिस जांच इस मुद्दे को किस और ले जाती है।

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