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Wednesday, 30 September 2020

मुख्यमंत्री द्वारा शामली में नवनिर्मित 100 बेड वाले जिला संयुक्त चिकित्सालय और एल-1 व एल-2 कोविड चिकित्सालय का शुभारंभ

शामली में बने संयुक्त चिकित्सालय का नवनिर्मित भवन।

  • अब गंभीर मरीज को भी शामली में मिलेगा उपचार।
  • मरीजों को हाॅस्पिटल में बेहतर सुविधाऐं प्रदान होंगी।
  • कोरोना संक्रमित मरीजों को भी बेहतर उपचार देने के निर्देश।
  • नई टैक्नोलोनी की मशीने से लैस होगा ये अस्पताल।

शामली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शामली के नवनिर्मित 100 बैंड वाले जिला संयुक्त चिकित्सालय और एल-1 व एल-2 कोविड चिकित्सालय का लखनऊ से ऑनलाईन शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होने अधिकारियों को संबोधित करते हुए मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने तथा चिकित्सकों द्वारा मधुर व्यावहार करने के निर्देश दिये है। 

ऑनलाईन शुभारंभ के दौरान मंडलायुक्त, सांसद,एमएलसी,डीएम व अन्य

बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से शामली के नवनिर्मित जिला अस्पताल व एल-1 तथा एल-2 का शुभारंभ किया। शामली कलक्ट्रेट एनआईसी में लोकार्पण का सीधा प्रसारण किया। जहां सहारनपुर मुडल के कमिश्नर संजय कुमार, जिलाधिकारी जसजीत कौर, कैराना सांसद प्रदीप चैधरी, एमएलसी विरेन्द्र सिंह, एडीएम अरविन्द कुमार तथा सीएमओ डा. संजय भटनागर शामिल रहे। इस दौरान उन्होने ऑनलाईन शुभारंभ करते हुए अधिकारियों से अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। उन्होने कहा कि मरीजों को हाॅस्पिटल में बेहतर सुविधाऐं प्रदान की जाये और चिकित्सकों द्वारा मधुर व्यावहार किया जाये। उन्होने कोरोना संक्रमित मरीजों को भी बेहतर उपचार देने के निर्देश दिये, ताकि समय रहते उनकी जान बचाई जा सके। 

शामली में बना एल-2 कोविड चिकित्सालय।

इसके बाद सहारनपुर मंडल के कमिश्नर ने अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया। जिसमें उन्होने कहा कि जिला अस्पताल में नई टैक्नोलोनी की मशीने प्रदान की गई है, जहां हर प्रकार का उपचार दिया जा सकेगा। अब गंभीर मरीजों को दूसरे जनपदों में रेफर करने के बजाये शामली में ही उपचार मिल सकेगा, जो जनपद शामली के लोगों के लिए एक बडी खुशखबरी है। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ गई है। पहले गंभीर चोटिल व गंभीर बीमार लोगों को मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर रेफर किया जाता था, लेकिन अब शामली में ही उनको उपचार मिलेगा। उन्होने कहा कि कोविड अस्पताल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाये, ताकि मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में समय समय पर जांच की जा सके। उन्होने कोरोना से मरने वाले मरीजों की मौत की जांच करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि यदि किसी मरीज की मृत्यु होती है तो उसके परिजनों से भी बात की जाये ताकि पता चल सके कि किसी की कोई लापरवाही तो नही रही। उन्होने शासना द्वारा कोरोना मरीजों को दी जाने वाली दवाईयों को भी समय समय पर दिए जाने के निर्देश दिये ताकि कोरोना पर काबू किया जा सके। इस दौरान कैराना सांसद प्रदीप चैधरी ने चिकित्सकों द्वारा पहनी जाने वाली पीपीई किट में डाॅक्टरों को होने वाली परेशानी का मुददा उठाया। उन्होने कहा कि कोरोना के मरीज को उपचार देने वाले चिकित्सक पीपीई किट पहनते है, जिसमें उनका दम घुटता है, जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पडता है। जिस पर कमिश्नर ने स्टाफ रूम में एसी लगाए जाने के निर्देश दिये। 

नवनिर्मित अस्पताल का निरीक्षण करते सांसद व अन्य।

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