Breaking

Friday, 25 September 2020

जोर पकड़ रही कृषि विधेयक को रदद किए जाने की मांग, क्या विधेयक लागू होने से पूर्व की भांति जमीदारों की गुलामी करने को मजबूर होगा किसान?


चक्का जाम कर धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता।

शामली। जिलेभर में कृषि विधेयक के विरोध में भारतीय किसान यूनियन समेत विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को चक्का जाम किया। चक्का जाम में विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों का भी समर्थन मिला। जिले के शामली गुरूद्वारा चैक, कैराना के बाईपास मार्ग व झिंझाना के बिडौली चेकपोस्ट के अलावा जिलेभर के करीब आधा दर्जन स्थानों पर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा जाम लगाया गया। इस दौरान वाहनों की लंबी लंबी कतारे लगी रही। वही पुलिस विभाग द्वारा रूट डायवर्ड करते हुए वाहनों को दूसरे स्थानों से निकाला गया। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पडा, जबकि इमरजेंसी बीमार लोगों व एम्बुलेंस को छूट दी गई थी।

चक्का जाम कर नारेबाजी करते भाकियू कार्यकर्ता।

शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन ने केन्द्र सरकार पर किसान विरोधी कृषि विधेयक लागू करने का आरोप लगाते हुए जिलेभर में चक्का जाम किया। शहर के गुरूद्वारा तिराहे पर भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के नेतृत्व में चक्का जाम किया गया। सवेरे 11 बजे गुरूद्वारा तिराहे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया, जिसके बाद टैंट लगाते हुए वाहनों के आने जाने का रास्ता बंद कर दिया गया। भाकियू के धरने को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसान विरोधी विधेयक जबरन पास कर दिया है, जिससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। यदि किसान अपनी परेशानी कोर्ट तक नही ले जा सकेगा तो किसान बर्बाद हो जायेगा। उन्होने सरकार से किसान विधेयक को रदद करने की मांग की। मौके पर चक्का जाम की अध्यक्षता बाबा सूरजमल तथा संचालन संजीव राठी व दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह, पदक केडी, मास्टर जाहिद, गुडडू बनत, बाबा उदयवीर, योगेन्द्र पंवार आदि मौजूद रहे। इस दौरान भाकियू भानु के प्रदेश महासचिव अनिल मलिक व सतपाल पहलवान ने दर्जनों कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अपना समर्थन दिया। जिला कांग्रेस कमैटी के जिलाध्यक्ष दीपक सैनी व शहर अध्यक्ष अनुज गौतम ने भी दर्जनों कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अपना समर्थन दिया। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पहलवान ने बबलू कश्यप, वीरपाल उपाध्याय सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को साथ लेकर भाकियू के धरने को अपना समर्थन दिया। इसके अलावा झिंझाना के बिडौली चेकपोस्ट पर जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान के नेतृत्व में चक्का जाम किया गया। जहां दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सवेरे 10 बजे मेरठ-करनाल मार्ग जाम कर दिया गया था। इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार ने कृषि विधेयक किसान विरोधी बनाया है। किसानों की कोई सुनने वाला नही है। यदि ऐसे विधेयक लागू किए जायेगे तो किसान पूर्व की भांति जमीदारों की गुलामी करने को मजबूर होगा। उन्होने कृषि विधेयक को रदद किए जाने की मांग की। कैराना के बाईपास मार्ग पर किसान युनियन के भानु गुट प्रदेश उपाध्यक्ष महताब जंग  के नेतृत्व में जाम लगाया गया। इस दौरान उन्होने देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम कैराना को सौंपा। जिसमें उन्होने कहा कि किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है। किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नही कराया गया और ऊपर से किसान विरोधी विधयेक पास कर दिया गया, जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर होगा। उन्होने उक्त विधेयक का रदद किए जाने की मांग की। किसानों के चक्का जाम को लेकर जिलेभर में पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसई बल की डयूटी लगाई गई थी। वही जाम के चलते पुलिसकर्मियों ने वाहनों का रूट डायवर्ड करते हुए दूसरे रास्तों का वाहन निकाले।

धरना स्थल पर पहुंचकर आदमी पार्टी व कांग्रेस पार्टी के नेताआं ने भी दिया समर्थन

सर्थन के लिए पहुंचे अन्य पार्टियों के लोग।

शामली। भारतीय किसान यूनियन के चक्का जाम व धरने पर आम आदमी पार्टी व कांग्रेस पार्टी के नेताआं ने भी पहुंचकर अपना समर्थन दिया गया। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पहलवान ने भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार को समर्थन ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होने कहा कि किसान विरोधी केन्द्र सरकार ने देश के किसान को बर्बाद कर दिया है। जिसके विरोध में किसानों का देशभर में चक्का जाम है, जिसको आम आदमी पार्टी को पूर्ण समर्थन है।

सर्थन के लिए पहुंचे अन्य पार्टियों के लोग।

 इस अवसर पर बबलू कश्यप, वीरपाल उपाध्याय, विनोद बालियान, सचिन मलिक, सोहराम, संजीव सोहरान, दीपक कुमार, सतेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे। जिला कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक सैनी ने भी दर्जनों कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गुरूद्वारा तिराहे पर चल रहे भाकियू के चक्का जाम को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होने कहा कि केन्द्र में किसान और मजदूर विरोधी सरकार बैठी है, जो किसानों को बर्बाद कर रही है। किसानों के न्यायालय में जाने का अधिकार छीना जा रहा है। बकाया गन्ना भुगतान नही किया जा रहा है। नलकूपों व बिजली कनेक्शन के मूल्यों में वृद्धि की जा रही है, जिससे देश के किसान परेशान हाल है और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर है। इस अवसर पर वैभव गर्ग, जुनैद खान, धर्मेन्द्र काम्बोज, जावेद खान, अनुज गौतम, हारून अंसारी, राहुल शर्मा आदि मौजूद रहे।

भाकियू के चक्का जाम से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पडा।

वाहनों को रूट डाइवर्ट करने का लगाई गई बेरिगेटिंग।

शामली। कृषि विधेयक के विरोध में भाकियू के चक्का जाम से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पडा। 

चक्का जाम के चलते पैदल जाते यात्री।

मुजफफरनगर व सहारनपुर जाने वाले यात्रियों को जाने का रास्ता नही मिल सका। शहर के गुरूद्वारा तिराहे से बसों में सवार होने वाले यात्रियों को कई मिलोमीटर पैदल यात्रा करनी पडी। वही सहारनपुर व मुजफ्फरनगर से आने वाली बसों के यात्रियों को शहर के एसटी तिराहे पर छोड दिया गया था, जिससे उनको शामली तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करनी पडी। ई-रिक्शा और अन्य वाहन न मिलने से महिलाओं, बुर्जुगों तथा बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पडा। इस दौरान महिलाऐं और बच्चे सिर पर सामान रखकर आते और जाते दिखाई दिए।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए की गई भारी पुलिस बल की तैनाती।


No comments:

Post a comment