Breaking

Friday, 4 September 2020

देश में सरकारी संस्थाओं का निजीकरण हुआ तो भूख हड़ताल करेगी भीम आर्मी

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भीम आर्मी बहुजन एकता मिशन के लोग।

शामली। नेशनल भीम आर्मी बहुजन एकता मिशन के पदाधिकारियों ने देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि देश में सरकारी संस्थाओं को निजी करण किया गया तो वह उसका विरोध प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल करेंगे।

शुक्रवार को नेशनल भीम आर्मी बहुजन एकता मिशन के संस्थापक लोकेश कटारिया ने देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े अस्पताल का नाम मेदांता नहीं एम्स है। जो सरकारी है। सबसे अच्छे इंजीनियरिंग, कॉलेज, सबसे अच्छे मैनेजमेंट कॉलेज, सबसे अच्छे विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, सबसे अच्छी बीमा कंपनी भी सरकारी है। देश के एक करोड़ लोग अभी यह किसी भी वक्त अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सरकारी रेल में बैठते हैं। नासा को टक्कर देने वाला अंबानी नहीं सरकार के लोग चलाते हैं। सरकारी संस्थाएं फालतू में बदनाम है। अगर इन सारी चीजों को प्राइवेट हाथों में सौंप दिया जाएगा तो सिर्फ लूट खसौट का अड्डा बन जाएंगे। निजीकरण एक व्यवस्था नहीं बल्कि नव रियासतीकरण है। अगर हर काम में लाभ की सियासत होगी तो आम जनता का क्या होगा। कुछ दिन बाद नव रियासतीकरण वाले लोग कहेंगे कि देश के सरकारी स्कूलों कॉलेजों और अस्पतालों से कोई लाभ नहीं है और इनको भी निजी हाथों में सौंप दिया जाए। ज्ञापन में उन्होंने देश की सरकारी संस्थाओं को निजीकरण करने पर आंदोलन करने और एक दिन की भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।

No comments:

Post a comment